Upendra Kushwaha News :jdu वापसी से पहले कुशवाहा की बैठक में प्रस्ताव, कहा- निरंकुश दूसरे हाथों की कठपुतली – उपेंद्र कुशवाहा न्यूज फ्यूचर ऑफ जदयू नीतीश कुमार बिहार ललन सिंह लव-कुश फैक्टर के साथ


कल तक थे न्यूक्लियर पोस्टर में, अब सिर्फ कुशवाहा... ऊपर जार्ज फर्नांडीस।

कल तक थे न्यूक्लियर पोस्टर में, अब सिर्फ कुशवाहा… ऊपर जार्ज फर्नांडीस।
– फोटो : अमर उजाला

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जनता दल यू की सदस्यता बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के साथ आज पार्टी के लिए भी अहम दिन रहा। कुशवाहा जदू को बीमार बैठे हुए इलाज की बात पर टिके रहे और इसी बात पर बैठक का दूसरा दिन था। उन्होंंने मुलाकात में पोषक कुमार के पेस्टर हटवाए गए। उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू की सदस्यता और एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया। बैठक में ही उपेंद्र कुशवाहा ने 3 पेज का पत्र जारी किया है।

इस पत्र में लिखा है कि जदयू के समर्पित साथियों के लिए प्रस्ताव लाया गया है। इसमें सर्वसम्मती से उपेंद्र कुशवाहा को नई पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। एसोसिएट्स से नई पार्टी के राष्ट्राध्यक्ष के रूप में उपेंद्र कुशवाहा का चयन किया गया है। पार्टी के सभी कार्यकर्ता उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी का नाम झंडा और कमेटी के निर्माण की जिम्मेदारी देते हैं।

कुछ माह से जदयू दाखिले में भ्रम और घोर निराशा

पत्र के माध्यम से कुमार पर जमकर प्रयोग किया जाता है। इसमें किन्कुक कुमार जो कर रहे हैं उस पर उनका नियंत्रण नहीं लिखा है। वह खुद पार्टी नहीं चला रहे हैं। ज्यादातर जजमेंट दूसरे लोग ले रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से राजद के लोग एक डील की चर्चा कर रहे हैं। यही नहीं कई अवसरों पर राजद के नेता रमाक यादव को सत्तासीन अधिकारी के सौदे का भी दावा कर चुके हैं। यह सौदा बिहार के वर्तमान राजनीति समाज और विकास को पीछे धकेलने का प्रयास करता है। जिसे हम स्वीकार नहीं कर सकते। पिछले कुछ माह से ना सिर्फ जदयू पाठ्यक्रम को भ्रम और घोर निराशा है।

कुछ लोग इस विरासत को बर्बाद करने की स्थिति में जुटे हैं

नोकरी कुमार जी उन लोगों से झगड़ रहे हैं। उनके कुचक्रों से या डैमेज लिगेसी में है और हम इस लिगेसी को उनके हाथ से जाने नहीं दे सकते। बिहार को आगे ले जाना संभव हुआ है। कुछ लोग इस विरासत को बर्बाद करने की स्थिति में जुड़े हुए हैं। जबकि बिहार में समता मूल समाज की परिकल्पना को झोलने वाले और परिवार ही सर्वोच्च है। इस सोच बनाम जननायक कर्पूरी ठाकुर के सपने को साकार करने वालों के बीच संघर्ष आज भी कायम है।

बिहार को एक नया मंच और राजनीतिक दल की आवश्यकता है

बिहार की राजनीतिक विरासत को खतरा मंजर के परयाय और परिवारवाद के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सौंपने के किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जा सकता। चुनौती बड़ी है और जिम्मेदारी भी। इसलिए बिहार को एक नया मंच मोर्चा और राजनीतिक दल की आवश्यकता है। बिहार में नई स्थिति से दस्तावेजों के लिए एक नई पार्टी के गठन का फैसला लिया गया है। निश्चित रूप से यह पार्टी बड़े उद्देश्य की निगरानी और राज्य को बेहतर विकल्प देने के लिए अधिकतम प्रयास करती है।



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